Monday, June 10, 2019

आगोश में लेले मुझे ऐ हवा ...

 दोस्तों कहते है ज़िन्दगी 8400000 जीव युनि में जाने के बाद मिलता हैऔर यह बहुत सौभाग्य की बात होती है पर  सब्र और ज़िन्दगी सबका इम्तिहान लेती रहती है।कई बार परिस्थितिया इतनी मुश्किल हो जाती है की बस दम घुटने लगता है और लगता है काश भगवान् मुझे इन दुःख तकलीफो से सदा के लिए उठा ले। बस इसी से जुडी  चंद पंक्तिया मै आपको सुनाता हूँ। 
                                   आगोश में लेले मुझे ऐ हवा ... 

  आगोश में लेले मुझे ऐ हवा अब मेरा दम घुट रहा है 
कल कल दिन दिन पल पल अब मेरा दिल टूट रहा है 
कर दे अलग मुझे इन बेबाक तकलीफो से 
सहन करने का अब धैर्य छूट रहा है 
रोक लेता सांसें अपनी पर इनसे जुड़े है कई तार 
थक गया हूँ तोड़ते तोड़ते नफरतो की दीवार 
इसा लगता है की कोई मेरी खुशियां लूट रहा है
आगोश में लेले मुझे ऐ हवा अब मेरा दम घुट रहा है। 

खुशियों की चाह मै  अब छोड़ चूका हूँ 
क्या देखू उस मंजिल को जिसे मै  मोड़ चूका हूँ 
जिंदगी अब अपने आप से रूठ रहा है 
तमाम खुशियों  से परे यह उठ रहा है 
सब कुछ मेरा अब  लूट रहा है 
आगोश में लेले मुझे ऐ हवा अब मेरा दम घुट रहा है। 

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