Thursday, June 20, 2019
Monday, June 10, 2019
लूटने में सताने में......
जिंदगी में संघर्ष सबसे जरुरी चीज़ है छोटे से छोटे और बड़े से बड़े जीव जन्तुओ को जीवन यापन करने के लिए मेहनत तो करनी ही पड़ती है। आदमी कितनी भी सही जिंदगी जीने कर ले पर उसके आस पास कई लोग ऐसे ऐसे होते है जिनको मजा बहुत आता है दुसरो को लूटने में सताने में......
शाम का था वक्त और मन बैठा था वीराने में
वही पड़ी थी प्लेट पर ध्यान नहीं था खाने में
बहुतो ने अपमान किया और कइयों ने बदनाम किया
एक समय पर सोना था मै तब सबने गुणगान किया
मतलबी दुनिया का अंदाज अलग है जमाने में
दिया अभी भी जल रहा था और सब लगे थे बुझाने में
किस्मत को कोसना अब सही नहीं था पैमाने में
आखिर मज़ा तो बहुत आता है दुनिया को
लूटने में सताने में।
झूठ को आगे रखकर सच का जो भान करता है
वही इस दुनिया को दुनिया में गुमनाम करता है
निर्दोष का दम और भ्रम लूट गया जताने में
आखिर मज़ा तो बहुत आता है दुनिया को
लूटने में सताने में।
आपको यह कविता कैसी लगी ?आपके क्या विचार है इसके बारे में?
शाम का था वक्त और मन बैठा था वीराने में
वही पड़ी थी प्लेट पर ध्यान नहीं था खाने में
बहुतो ने अपमान किया और कइयों ने बदनाम किया
एक समय पर सोना था मै तब सबने गुणगान किया
मतलबी दुनिया का अंदाज अलग है जमाने में
दिया अभी भी जल रहा था और सब लगे थे बुझाने में
किस्मत को कोसना अब सही नहीं था पैमाने में
आखिर मज़ा तो बहुत आता है दुनिया को
लूटने में सताने में।
झूठ को आगे रखकर सच का जो भान करता है
वही इस दुनिया को दुनिया में गुमनाम करता है
निर्दोष का दम और भ्रम लूट गया जताने में
आखिर मज़ा तो बहुत आता है दुनिया को
लूटने में सताने में।
सूचना :इस रचना में सभी राइट्स रिजर्व्ड है। अतः इसमें कॉपीराइट क्लेम किया जा सकता है।
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धन्यवाद्।
आगोश में लेले मुझे ऐ हवा ...
दोस्तों कहते है ज़िन्दगी 8400000 जीव युनि में जाने के बाद मिलता हैऔर यह बहुत सौभाग्य की बात होती है पर सब्र और ज़िन्दगी सबका इम्तिहान लेती रहती है।कई बार परिस्थितिया इतनी मुश्किल हो जाती है की बस दम घुटने लगता है और लगता है काश भगवान् मुझे इन दुःख तकलीफो से सदा के लिए उठा ले। बस इसी से जुडी चंद पंक्तिया मै आपको सुनाता हूँ।
आगोश में लेले मुझे ऐ हवा अब मेरा दम घुट रहा है
कल कल दिन दिन पल पल अब मेरा दिल टूट रहा है
कर दे अलग मुझे इन बेबाक तकलीफो से
सहन करने का अब धैर्य छूट रहा है
रोक लेता सांसें अपनी पर इनसे जुड़े है कई तार
थक गया हूँ तोड़ते तोड़ते नफरतो की दीवार
इसा लगता है की कोई मेरी खुशियां लूट रहा है
आगोश में लेले मुझे ऐ हवा अब मेरा दम घुट रहा है।
खुशियों की चाह मै अब छोड़ चूका हूँ
क्या देखू उस मंजिल को जिसे मै मोड़ चूका हूँ
जिंदगी अब अपने आप से रूठ रहा है
तमाम खुशियों से परे यह उठ रहा है
सब कुछ मेरा अब लूट रहा है
आगोश में लेले मुझे ऐ हवा अब मेरा दम घुट रहा है।
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Sunday, June 9, 2019
शायद तुम्हे जाना था ....
दोस्तों इस दुनिया में हर चीज़ हर किसी को नहीं मिल सकती। इसलिए शायद भगवान् ने हर किसी को अलग अलग खूबी से नवाजा है। कुछ चीज़े नसीब में ही नहीं होती कम्बख्त इसलिए कुछ चीज़ पास आकर भी दूर चली जाती है। इसी से जुडी हुई पेश है आपके लिए यह कविता जिसका शीर्षक है।
शायद तुम्हे जाना था ....
अलग अलग गलियारों में खिले थे दो फूल
इत्तेफ़ाक़ से जब मिलना हुआ तो दोनों हो गए मशगूल
शायद कायनात का यही इरादा था
एक दूसरे से मिलने जुलने का वादा था
अभी तो शुरुआत थी मिलन की बेला को लाना था
पर तुम नहीं आये शायद तुम्हे जाना था.
पथरीली रास्तो से गुजरकर तुमसे मिलने आया था
शायद उस समय अच्छे वक्त का साया था
प्रेमराग की मधुर बेला पर अविचल राग को आना था
पर तुम नहीं आये शायद तुम्हे जाना था
याद है वो शाम जब तुम मेरी दीवानी थी
उमड़ घुमड़ के बदरा भी उस दिन मस्तानी थी
भीगे भीगे अल्फाज़ो में तुम्हे कुछ बताना था
पर तुम नहीं आये शायद तुम्हे जाना था।
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Friday, June 7, 2019
दर्द ज़िन्दगी का.
दर्द। दोस्तों आप सब के ज़िन्दगी में कोई न कोई दुःख तकलीफ या अन्य कोई समस्या तो होती होंगी। किसी के लिए कुछ समस्या छोटी होती है तो किसी के लिए यह बहुत बड़ी। हम किसी के तकलीफ को तभी समझ सकते है जब वह अपनी हो। दुसरो की तकलीफ के लिए हम संवेदनाएं जरूर जता सकते है पर उनका दुःख तो वो ही जानते है।
क्या आपने कभी ये सोचा है जो दर्द माँ बाप को मिलती होगी जब उन्हें वृद्धाश्रम में छोड़ दिया जाता है या जब किसी सैनिक के परिवार को पता चलता है की उनके पुत्र को वीरगति प्राप्त हो गयी है। इन सभी दर्द को संजोकर आपके लिए एक कविता प्रस्तुत है।
दर्द जिंदगी का
राह चल रहे मुसाफिर ने पूछा ये दर्द क्या होता है ,
ढाई अक्षर का शब्द है जिसे लगे उसे पता होता है ,
जिसको माँ बाप ने पाला है जिसे उन्होंने संभाला है ,
ठुकराकर जब वो जाते है तब उन पर जो कुछ होता है.
वही दर्द होता है ,वही दर्द होता है।
जिसके इंतज़ार में राते कटे नहीं कटती है ,
उस पत्नी से पूछो जो सैनिक पति के यादो में बसती है ,
वीरगति अर्जित हुआ ,जब उसका जनाजा होता है ,
अश्रुपूरित आँखों में तब दर्द होता है।
नव माह जिसने तुम्हे अपने अंदर में बसाया है ,
तुम्हारे इंतज़ार में पल पल जिसने बिताया है ,
घनघोर पीड़ा के बाद जब नवजात का जन्म होता है,
जन्म के होते ही जब वो दुनिया को खोता है,
तब ग़मों का झंकार जो उस माँ के रग -रग में रोता है.
वही दर्द होता है ,वही दर्द होता है।
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Wednesday, June 5, 2019
मेहनत..
न मै किस्मत को जानता हूँ ,न मै रहमत को जानता हूँ
मंजिल को पाने के लिए ,मै सिर्फ मेहनत को जानता हूँ |
मुश्किल परिस्थितियों में ,रास्तो की हर एक खाक छानता हूँ
जो सदृश हो मेरे सामने ,मै सिर्फ उसी को मानता हूँ |
कायरो का भरोसा किस्मत ,मेरी कोशिश ही मेरा खाना है
हर संभव प्रयास करके ,सफलता का स्वाद मैंने जाना है |
कुछ हासिल करने का श्रेय ,मै अपनों को मानता हूँ
मंजिल को पाने के लिए ,मै सिर्फ मेहनत को जानता हूँ |
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